शंखपुष्पी के फायदे ( Shakhpushpi Benefits): एक समय-परीक्षित आयुर्वेदिक मस्तिष्क टॉनिक

शंखपुष्पी के फायदे ( Shakhpushpi Benefits)
dr-img
Dr. Arati Soman
Ayurvedic Physician & Head Formulator at Nisagra Herbs

शंखपुष्पी (Convolvulus pluricaulis) आयुर्वेद की एक अत्यंत प्रतिष्ठित मेध्य रसायन औषधि है — जिसका प्रयोग मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक शांति देने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है। भारत में सदियों से इसका उपयोग स्मरण शक्ति बढ़ाने, तनाव कम करने और तंत्रिका तंत्र को सशक्त करने में होता आया है।

यह शक्तिशाली जड़ी-बूटी न केवल वैद्यों द्वारा सम्मानित है, बल्कि प्राचीन ग्रंथों और आधुनिक शोध, दोनों द्वारा प्रमाणित भी है। निसर्गा हर्ब्स में, हम इस पारंपरिक ज्ञान को आपके दैनिक स्वास्थ्य में शामिल करते हैं।

शंखपुष्पी क्या है ? (What is Shankhpushpi?)

शंखपुष्पी एक लता के रूप में फैलने वाली जड़ी-बूटी है, जो भारत और बर्मा में पाई जाती है। इसे छोटे, नीले फूलों से पहचाना जाता है। इसे विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग नामों से जाना जाता है —

  • संस्कृत: संखपुष्पी
  • हिंदी: शंखपुष्पी, अपराजिता
  • तमिल: संघुपुष्पम
  • मराठी: शंखबेला
  • अंग्रेज़ी: स्पीडव्हील

आयुर्वेद में इसे मुख्यतः Convolvulus pluricaulis के रूप में पहचाना जाता है, हालांकि Clitorea ternatea और Evolvulus alsinoides जैसी प्रजातियों को भी कई क्षेत्रों में इसी नाम से जाना जाता है।

आयुर्वेद में शंखपुष्पी के पारंपरिक उपयोग

आयुर्वेद में शंखपुष्पी को निम्न वर्गों में रखा गया है —

  • मेध्य रसायन – बुद्धि और स्मरण शक्ति बढ़ाने वाला
  • स्वरकारिणी – वाणी की गुणवत्ता सुधारने वाला
  • निद्राजनन – प्राकृतिक नींद लाने वाला
  • उन्मादघ्न – मानसिक विकारों को कम करने वाला
  • मज्जा धातु रसायन – स्नायु तंत्र को पोषण देने वाला

प्राचीन ग्रंथों में इसका उपयोग संज्ञानात्मक क्षमता को बढ़ाने, मन को शांत करने, गहरी नींद दिलाने और भावनात्मक संतुलन बहाल करने में बताया गया है। इसे चूर्ण, घृत और तेल जैसे पारंपरिक रूपों में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

शंखपुष्पी के वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित लाभ (Scientifically proven benefits of Shankhpushpi)

  1. स्मरण शक्ति और सीखने की क्षमता में वृद्धि
    शंखपुष्पी एक मस्तिष्क टॉनिक के रूप में कार्य करती है। यह ग्राह्यता शक्ति, एकाग्रता और स्मृति को मजबूत बनाती है। बच्चों में मानसिक विकास के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी मानी जाती है।
  2. तनाव और चिंता में कमी
    यह कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे तनाव हार्मोन को संतुलित करने में मदद करती है, जिससे मानसिक थकान कम होती है और मन शांत रहता है।
  3. गहरी और प्राकृतिक नींद को बढ़ावा
    इसकी निद्राजनन क्रिया के कारण अनिद्रा से पीड़ित लोगों को बिना किसी आदत पड़ने के जोखिम के स्वाभाविक, गहरी नींद में मदद मिलती है।
  4. भावनात्मक स्थिरता में सहायता
    मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और हल्के अवसाद में लाभकारी। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसका उल्लेख उन्माद (मानसिक असंतुलन) और अपस्मार (मिर्गी जैसे विकार) में भी मिलता है।
  5. पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाना
    आयुर्वेद में शंखपुष्पी को पाचनबला माना गया है, जो अग्नि (पाचन शक्ति) को बढ़ाती है और पोषक तत्वों के अवशोषण में मदद करती है।
  6. प्राकृतिक रसायन (रिजुवेनेटर) के रूप में
    यह मन और शरीर दोनों को पुनर्जीवित करती है, रंग-रूप निखारती है (वर्ण्य), प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और दीर्घायु में सहायक है।

शंखपुष्पी का सेवन कैसे करें?

शंखपुष्पी को पारंपरिक और आधुनिक कई रूपों में लिया जा सकता है —

  • पूरे पौधे का रस या ताजा अर्क
  • चूर्ण – गुनगुने दूध या पानी के साथ
  • घृत – पारंपरिक औषधीय घी
  • कैप्सूल या सिरप – आधुनिक सुविधाजनक रूप

किसी भी औषधीय सेवन से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना उचित है।

शंखपुष्पी किन लोगों के लिए लाभकारी है? (For whom is Shankhpushpi beneficial?)

यह जड़ी-बूटी अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित और कोमल प्रभाव वाली है, जैसे —

  • विद्यार्थी – एकाग्रता और सीखने की क्षमता के लिए
  • पेशेवर – मानसिक तनाव और थकान कम करने के लिए
  • वृद्धजन – स्मरण शक्ति और मानसिक शांति के लिए
  • महिलाएं – मूड स्विंग और भावनात्मक संतुलन के लिए
  • बच्चे – उचित मात्रा में, मस्तिष्क विकास के लिए

यह विषरहित, दीर्घकालिक उपयोग के लिए सुरक्षित है और वात, पित्त, कफ – तीनों दोषों को संतुलित करती है।

क्षेत्रीय और लोक चिकित्सा में शंखपुष्पी का उपयोग (Use of Shankhpushpi in regional and folk medicine)

भारत के विभिन्न हिस्सों में शंखपुष्पी का प्रयोग इन उद्देश्यों से भी होता है —

  • त्वचा रोग और उच्च रक्तचाप में
  • सर्पदंश या विषैले जीव-जंतुओं के प्रभाव को कम करने में
  • आवाज और पाचन सुधारने में
  • हल्के रेचक (लैक्सेटिव) के रूप में
  • मिर्गी, हृदय रोग और मूत्र संबंधी समस्याओं में सहायक

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ आदिवासी समुदाय इसे मानसिक विकार, कृमि संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं में उपयोग करते हैं।

न्यूरोस्मार्ट कैप्सूल: शंखपुष्पी और शक्तिशाली जड़ी-बूटियों से बना आयुर्वेदिक ब्रेन बूस्टर

निसर्गा हर्ब्स का न्यूरोस्मार्ट कैप्सूल शंखपुष्पी को ब्राह्मी, ज्योतिष्मति और रोज़मेरी जैसी क्लिनिकली प्रमाणित आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर तैयार किया गया है। यह स्वाभाविक रूप से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाता है, साथ ही तनाव और एडीएचडी के लक्षण कम करने में सहायक है। यह पेटेंटेड हर्बल एक्सट्रैक्शन तकनीक से बनाया गया है, जिससे यह सुरक्षित और लंबे समय तक उपयोग के लिए उपयुक्त है।

निष्कर्ष: मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का प्राकृतिक साथी

शंखपुष्पी सिर्फ एक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि मस्तिष्क, शरीर और मन के संतुलन की समग्र कुंजी है। यह आपको बेहतर ध्यान, गहरी नींद और शांत मन का अनुभव कराती है।

यदि आप मानसिक स्पष्टता और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक, बिना साइड-इफेक्ट वाला उपाय ढूंढ रहे हैं, तो शंखपुष्पी आपका विश्वसनीय आयुर्वेदिक साथी बन सकती है।

References

FAQ

Question : शंखपुष्पी किस काम के लिए उपयोगी है?

Answer: शंखपुष्पी मुख्य रूप से स्मरण शक्ति बढ़ाने, एकाग्रता सुधारने, तनाव कम करने और मानसिक शांति पाने के लिए उपयोग की जाती है। आयुर्वेद में इसे मेध्य रसायन माना गया है, जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को पोषण देता है।

Question :  क्या शंखपुष्पी बच्चों के लिए सुरक्षित है?

Answer: हाँ, योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से उचित मात्रा में दी जाए तो शंखपुष्पी बच्चों में ध्यान, सीखने की क्षमता और मानसिक विकास के लिए सुरक्षित और लाभकारी मानी जाती है।

Question : शंखपुष्पी अनिद्रा (नींद न आने) में कैसे मदद करती है?

Answer: शंखपुष्पी में प्राकृतिक निद्राजनन गुण होते हैं। यह मन को शांत करती है, तनाव हार्मोन को संतुलित करती है और बिना किसी आदत या साइड-इफेक्ट के गहरी, प्राकृतिक नींद लाने में मदद करती है।

Question : शंखपुष्पी और ब्राह्मी में क्या अंतर है?

Answer: दोनों ही मेध्य रसायन हैं। शंखपुष्पी मुख्यतः चिंता, अनिद्रा और मानसिक अशांति में उपयोगी है।

ब्राह्मी स्मृति, सीखने और न्यूरॉन सपोर्ट पर अधिक केंद्रित होती है।दोनों को साथ लेने पर समग्र ब्रेन हेल्थ में बेहतर परिणाम मिलते हैं।

Question : क्या शंखपुष्पी का लंबे समय तक सेवन सुरक्षित है?

Answer: हाँ, शुद्ध और प्रमाणित रूप में ली गई शंखपुष्पी विषरहित होती है और दीर्घकालिक उपयोग के लिए सुरक्षित मानी जाती है। यह वात, पित्त और कफ – तीनों दोषों को संतुलित करती है।

Question : न्यूरोस्मार्ट कैप्सूल में शंखपुष्पी क्यों शामिल की गई है?

Answer: क्योंकि शंखपुष्पी मानसिक स्पष्टता, ध्यान, स्मरण शक्ति और भावनात्मक संतुलन के लिए एक सिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। ब्राह्मी और ज्योतिष्मति जैसी जड़ी-बूटियों के साथ मिलकर यह संपूर्ण ब्रेन सपोर्ट प्रदान करती है।

Question : शंखपुष्पी कितने दिन में असर करती है?

शंखपुष्पी का असर आमतौर पर 7 से 10 दिनों में महसूस होने लगता है। इस दौरान मन शांत होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार दिखता है। 2 से 3 सप्ताह के नियमित सेवन से एकाग्रता, ध्यान और मानसिक स्पष्टता बेहतर होती है। 4 से 6 सप्ताह में स्मरण शक्ति, सीखने की क्षमता और भावनात्मक संतुलन में स्पष्ट लाभ दिखाई देता है। लगातार 8 से 12 सप्ताह तक सेवन करने पर शंखपुष्पी का पूर्ण मेध्य रसायन प्रभाव मिलता है, जिससे मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को दीर्घकालिक पोषण मिलता है। शंखपुष्पी धीरे-धीरे काम करने वाली आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। यह लक्षण दबाने के बजाय मानसिक स्वास्थ्य को अंदर से संतुलित करती है। असर व्यक्ति की आयु, समस्या, शरीर की प्रकृति और सेवन के रूप पर निर्भर करता है। नियमित सेवन और सही मात्रा से इसका प्रभाव अधिक स्थिर और लंबे समय तक बना रहता है।


Recommended Articles View all

Gut Health Ayurveda — A Holistic Guide by Nisarga Herbs
Gut Health Ayurveda — A Holistic Guide by Nisarga Herbs

In Ayurveda, the gut is seen as the seat of vitality. A strong “Agni” (digestive fir...

Continue Reading
Does Smoking Relieve Stress ?
Does Smoking Relieve Stress ?

An Ayurvedic and Research-Based Understanding

Many people believe th...

Continue Reading